मेरी प्यारी बिटिया
सुन री मेरी प्यारी बिटिया
तू जीवन में आयी थी
बिसरा कर सारी पीड़ा मैं
तेरे संग मुस्कायी थी
नन्हा सा साया बनकर
तू जब मेरे अंदर आयी थी
नन्हे कदमों की आहट से
तूने पायल सी छनकायी थी
मुस्कान तेरे कोमल अधरों की
मेरे अंतर्मन मैं छायी थी
कोंपल नन्ही सी बनकर तू
मेरा सूक्ष्माकार ले आयी थी
स्पर्शों की कोमलता से
आँख मेरी भर आयी थीं
तेरे, ही आ जाने से मैं
अपनी रिक्तता भर पायी थी।
super vasudha ji.............. as always.... main khala....
ReplyDeleteVrinda.....
Deleteआश्चर्य!!!
ये नाम तो हमेशा मेरे मन पर छाया रहता है....
धन्यवाद।
Vrinda.....
Deleteआश्चर्य!!!
ये नाम तो हमेशा मेरे मन पर छाया रहता है....
धन्यवाद।